हम ऑर तुम
दो
अजनबी की तरह मिले हम,
ध्वनियाँ
आहटें
कुछ-कुछ जानी पहचानी सी,
कोने -अंतरे
नाक पलक
मोन-अंतस
आनचाही चुप्पियाँ
दो अजनबी भाषाओं की तरह मिले हम
चकित
अलग-अलग
ग्रहों के अपरिचित
दोनो ही
दोनो किरदारो मे एक साथ
अविष्कार ऑर
अविष्करित्त
महक अबूझ छुआन अकथ
फिर समान संकेतों की
तहें खोलता हुआ
तलाश की बेचैनी के साथ
हाँ....हाँ !!!!!!!
प्यार आया
हमारे बीच
अनुवाद की तरह
दो अजनबी
भाषाओं की तरह मिले थे हम......