दिल की आवाज़ दिल तक पहूचनें तो दो,
शबनमी हँसी होटो पर बिखरने तो दो,
ज़माने भर की बातों का बदला ना लो ख़ुद से,
मर्ज़ी से इसे एक बार धरकने तो दो,
पलकों को मिल जाने दो,दिल की आवाज़ दिल तक पहूचने तो दो,
धरकने तमन्नाएँ बुन्ति हैं,
उसे हक़ीकत की तह तक जाने तो दो !